बस्ती/गौर। जिले की प्राचीन धरोहरों, ऐतिहासिक इमारतों पौराणिक स्थलों, बस्ती की संस्कृति, और वास्तुकला को अपनी कलात्मक हुनर से कैनवास पर जनपद बस्ती के गौरव ख्याति लब्धि राष्ट्रीय चित्रकार चन्द्र प्रकाश चौधरी जीवंत कर सहेजने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश न केवल इन धरोहरों के चित्रों बनाकर उन्हें जीवंत रख रहे हैं बल्कि समय के साथ धुंधली होती जा रही ऐतिहासिक विरासतों को आने वाली पीढ़ियों के लिए उनका चित्रात्मक दस्तावेजीकरण भी कर रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश ने बताया कि वह विगत कई महीनो से बस्ती के ऐतिहासिक,पौराणिक और धार्मिक स्थलों का भ्रमण करने के पश्चात उनके मन में यह विचार आया कि जिले की गौरवशाली विरासत को चित्रित करने का पुनीत कार्य किया जाए जो आधुनिकता की चका-चौंध में बिसर गई है और उन्हें पुनः संपूर्ण जनमानस में जीवंत किया जाए। उनके इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को जनपद की समृद्ध विरासत से रूबरू कराना और उपेक्षित ऐतिहासिक स्थलों की ओर प्रशासन व जनता का ध्यान आकर्षित करना है।
चन्द्र प्रकाश के इस चित्र श्रृंखला में 22 से अधिक पेंटिंग शामिल है जो जल रंग एवं क्रेयान माध्यम से कागज और कैनवास पर बनाए गए हैं जिनमें बस्ती रेलवे स्टेशन, कुआनों नदी तट के समीप स्थित कारगिल शहीद शौर्य स्तंभ, शहीद द्वार छावनी, शिवगुलाम सिंह स्मारक स्थल पैड़ा, श्रीराम जानकी हनुमान शिव दुर्गा मंदिर छावनी, कप्तानगंज चौराहे पर स्थित दुर्गा माता मन्दिर, बाबा भदेश्वर नाथ मंदिर, बाबा बेहिलनाथ मंदिर, दुबौला क्षेत्र में स्थित बाबा भारीनाथ मंदिर, अमोढ़ा रियासत का किला, राजा शिव गुलाम सिंह का किला, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियो में अमोढा़ की रानी तलाश कुंवरि, राजा जालिम सिंह, नगर के राजा उदय प्रताप सिंह, पैड़ा क्षेत्र के राजा शिव गुलाम सिंह, पंडित सीताराम शुक्ल, पिरई खां, इन्द्रासन सिंह और संत महात्माओं में गुरू वशिष्ठ, बाबा निहाल दास, संत तपसी महाराज, आचार्य रामचंद्र शुक्ल, सर्वेश्वर दयाल सक्सेना, आदि जैसे विषय उनकी कलात्मक अभिरुचि के प्रमुख उदाहरण हैं। उनकी कला में सिर्फ रंग और रेखाएँ नहीं, बल्कि भावनाएँ, इतिहास और संवेदनाएँ दिखाई देती हैं। चन्द्र प्रकाश की कूंची किसी दृश्य को हूबहू उतारने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उस दृश्य की आत्मा को कागज़ पर जीवंत करने का प्रयास करती है।
अब तक 1000 से अधिक चित्र बना चुके चन्द्र प्रकाश इसके अलावा अनेकों चित्र श्रृंखलाओं का चित्रण किया है जिसमें भारत के सभी प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के सभी मुख्यमंत्री, भारत के सभी राष्ट्रपति, भारत रत्न से सभी व्यक्ति, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, परम वीर चक्र विजेता, नोबेल विजेता भारतीय,भारतीय कवि,आदि प्रमुख है, जो इनकी रचनात्मक सक्रियता और कला के व्यापक सामाजिक दृष्टिकोण को दर्शाती है। चन्द्र प्रकाश अपनी कला कुशलता के दम अनेकों बार राष्ट्रीय स्तर सम्मानित हुए हैं। सन् 2011 राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन अयोध्या द्वारा सम्मानित, 2012 राज्य स्तरीय चित्रकला प्रदर्शनी अंबेडकरनगर में किशन सोनी द्वारा सम्मानित,2013 श्री राम कथा विषय पर उत्कृष्ट चित्रांकन के लिए सीओ बीकापुर तारकेश्वर पांडेय द्वारा सम्मानित, 2014 राष्ट्रीय कला मेला अंबेडकरनगर में विश्व की प्रथम महिला कला डिलीट प्रो० चित्रलेखा सिंह द्वारा सम्मानित,2019 राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या में राष्ट्रीय श्रेष्ठ कलाकार सम्मान से सम्मानित, 2020 रेड रूबी आर्ट अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में इंटरनेशनल गोल्डन आर्ट अवार्ड से सम्मानित, 2021 शांती फाउंडेशन गोंडा द्वारा सावित्री बाई फूले सम्मान से सम्मानित,2022 स्वामी विवेकानन्द सम्मान से सम्मानित,2023 सरदार पटेल स्मारक संस्थान बस्ती द्वारा राष्ट्रीय गौरव सम्मान से सम्मानित,2024 अंतर्राष्ट्रीय श्रीराम कथा चित्रकला प्रदर्शनी अयोध्या में सम्मानित,2025 भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा सम्मानित।
चन्द्र प्रकाश को 16 वर्षों की चित्रकारी की साधना ने इन्हें मुकाम दिया है। चित्रकला प्रदर्शनियों में इनकी चित्रकारी न सिर्फ सराही गई है, बल्कि इस हुनर बाज की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी हुई है। चन्द्र प्रकाश चौधरी ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े पूर्वांचल के प्रसिद्ध युवा चित्रकारों में से एक हैं। जिन्होंने चित्रकला में अपने व्यापक कौशल के माध्यम से बस्ती जनपद को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।